एक गुजारिश ज़िन्दगी से
ज़िन्दगी तू मेरी ज़िन्दगी से क्या चाहती है
मुझसे क्या करवाना , क्या कहलवाना चाहती है
कौन सी दुश्मनी निकल रही है
कौन से एहसान के बदले ज़िन्दगी में खुशिया ला रही है
तू मेरी दुश्मन है या दोस्त
तुझे मुझसे नफरत है या प्यार
प्यार है तोह प्यार दिखा, नफरत तोह वोह
पर एक पल दोस्त
दूजी तरफ़ पींठ में छुरा न भोंक
कभी मुझको इतना हसांती है
ख़ुद से प्यार करवाती है
जैसे ही लगता नहीं की अब तू सुधर गई है
एक धक्का देके ख़ुद ही गिरा जाती है
जैसे ही होंठों पे मुस्कान आती है
बिन देर किए आंखों में आंसू दे जाती है
क्यूँ मुझे इतना उलझाये हुए है
क्यूँ कशमकश में फ़साये हुए है
इतनी बेरहमी मुझ पर न दिखा या तोह इतना बता की
तू मेरी ज़िन्दगी से क्या चाहती है
वरना इतना एहसान कर जा
ज़िन्दगी तू मेरी ज़िन्दगी से चली जा
मुझसे क्या करवाना , क्या कहलवाना चाहती है
कौन सी दुश्मनी निकल रही है
कौन से एहसान के बदले ज़िन्दगी में खुशिया ला रही है
तू मेरी दुश्मन है या दोस्त
तुझे मुझसे नफरत है या प्यार
प्यार है तोह प्यार दिखा, नफरत तोह वोह
पर एक पल दोस्त
दूजी तरफ़ पींठ में छुरा न भोंक
कभी मुझको इतना हसांती है
ख़ुद से प्यार करवाती है
जैसे ही लगता नहीं की अब तू सुधर गई है
एक धक्का देके ख़ुद ही गिरा जाती है
जैसे ही होंठों पे मुस्कान आती है
बिन देर किए आंखों में आंसू दे जाती है
क्यूँ मुझे इतना उलझाये हुए है
क्यूँ कशमकश में फ़साये हुए है
इतनी बेरहमी मुझ पर न दिखा या तोह इतना बता की
तू मेरी ज़िन्दगी से क्या चाहती है
वरना इतना एहसान कर जा
ज़िन्दगी तू मेरी ज़िन्दगी से चली जा
Comments
kabhi gam ka sagar hai kabhi khushi ki leher hai
is guzarish ko kaash ye samjh paye
hume apne is makadjaal se azaad akr paye
teri zindagi se jo chahat hai wo tujhe mil jaye
teri har khawahish poori ho jaye
bas itni si dua hai ki tu fir se muskurae
u r my best frnd, u'll always remain
coz its bout frequencies
nthin else :)
kisi bhi gum ke aage kabhi jhuka nahi karte
tufano se ladna he to zindgi hai
maze main jena to har koi cahata hai
par khud he socha wo zindgi bhi koi zindgi hai
:)
kabhi koi gum aaye to bas dil se ek aawaz dena
ek he pal me hum tumhare sath heonge ye wada hai ae dost
agar viswas na ho to kabhi aajmake dekhna
it seems, a poem formed by joining parts..
Something is missing that binds the reader till the end..
Minimal creativity...
Although a nice attempt..
You can do a lot better than this..